प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘सेवा तीर्थ’ में प्रगति (PRAGATI) की 51वीं बैठक की अध्यक्षता की और केंद्र व राज्यों के बीच समन्वय को मजबूत करते हुए ‘सक्रिय शासन और समयबद्ध कार्यान्वयन’ पर जोर दिया। इस आईसीटी-आधारित प्लेटफॉर्म के जरिए विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाती है।
बैठक में लगभग ₹30,000 करोड़ की लागत वाली रेलवे, बिजली और सड़क क्षेत्र की सात बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की गई, जो नौ राज्यों में फैली हैं। प्रधानमंत्री ने केन-बेतवा लिंक परियोजना और स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 की प्रगति का भी आकलन किया और समयसीमा पर विशेष ध्यान देने को कहा।
ऊर्जा क्षेत्र की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री ने रूफटॉप सोलर परियोजनाओं को मिशन मोड में तेज करने पर जोर दिया, ताकि ऊर्जा लागत कम हो और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिले। उन्होंने शहरी क्षेत्रों, आवासीय परिसरों और सार्वजनिक संस्थानों में सोलर अपनाने की गति बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
सड़क और बंदरगाह परियोजनाओं पर चर्चा करते हुए वधावन बंदरगाह को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी का मॉडल बनाने पर बल दिया गया। इसे रेल, सड़क, जलमार्ग और हवाई कनेक्टिविटी से जोड़कर एक आधुनिक लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने की बात कही गई।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि परियोजनाओं में देरी से लागत बढ़ती है और विकास प्रभावित होता है, इसलिए सभी स्तरों पर लंबित मामलों को तेजी से निपटाया जाए। साथ ही कैबिनेट सचिव ने बताया कि राज्यों में सामाजिक योजनाओं की मासिक समीक्षा प्रणाली शुरू कर दी गई है, जिससे निगरानी और जवाबदेही और मजबूत होगी।
